हाइ टेंशन में हाइटेंशन पर चढ़ा किसान भारतीय न्याय व्यवस्था पर उठा सवाल
धरसीवां
एक सीमांत किसान अपनी ही कृषि भूमि उधोग से मुक्त कराने इतना हाई टेंशन में आ गया कि वह हाइटेंशन टावर के ऊपर चढ़ गया.....दरअसल यह पूरा मामला औद्योगिक क्षेत्र सिलतरा के सोंडरा स्थित फार्च्यून मेटलिक प्राइवेट लिमिटेड फेक्ट्री का है जिसने गांव के किसान किशन निषाद की कृषि भूमि करीब बारह साल पहले अपने कब्जे में कर दीवार खड़ी की थी.....पीड़ित किसान ने सभी जगह न्याय की गुहार लगाई सीमांकन कि मांग की ओर तहसील कार्यालय ने उसकी जमीन का सीमांकन भी किया जिसमें उक्त किसान की जमीन उधोग के कब्जे में पाई गई ओर एक बार तहसीलदार किसान को कब्जा दिलाने मौके पर भी गए लेकिन वहां जाने के बाद फेक्ट्री प्रबंधन से कुछ चर्चा हुई ओर वह बैरंग वापस आ गाए कुछ दिन का समय मिलते ही उधोग प्रबंधन ने मामले में अपील कर दी....विगत बारह वर्षों से लगातार अपनी ही जमीन पर कब्जा पाने जब उधोग पति से कानूनी जंग लड़ते लड़ते आर्थिक रूप से बर्बाद होकर किसान हाई टेंशन में आ गया तो सोमवार को वह सुबह आठ बजे हाइटेंशन टावर पर चढ़ गया....मौके पर पहुंचे एसडीएम तहसीलदार चौकी प्रभारी भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश यादव जिला पंचायत सदस्य हरिशंकर निषाद आदि ने पीड़ित किसान को समझाया परिजनों की प्रबंधन से चर्चा हुई तब कही साढ़े पांच घंटे हाइटेंशन टावर पर रहने के बाद किसान किशन निषाद नीचे उतरा....उक्त किसान तो नीचे उतर गया लेकिन इस घटना ने भारतीय न्याय व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया....एक गरीब किसान बीते बारह सालों से अपनी ही जमीन पर कब्जा पाने संघर्ष करता रहा ओर अंततः उसे न्याय पाने हाइटेंशन पर चढ़ना पड़ा
