छग राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक का कार्यकाल 13 जुलाई क़ो हुआ पूरा अब डॉ ममता साहू संभालेगी अध्यक्ष पद
रायपुर
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक का कार्यकाल पूरा हो गया है। वे लंबे समय से इस आयोग की जिम्मेदारी संभाल रही थीं और उनका निर्धारित कार्यकाल 13 जुलाई क़ो समाप्त हुआ है।
डॉ. किरणमयी नायक को पहली बार जुलाई 2020 में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इसके बाद पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान जुलाई 2023 में उनका कार्यकाल बढ़ाया गया था। राज्य में सत्ता परिवर्तन (भाजपा सरकार के आने) के बाद भी वे कानूनी प्रावधानों के तहत अपने पद पर बनी हुई थीं।
अब उनका यह बढ़ा हुआ कार्यकाल भी 13 जुलाई क़ो समाप्त हो चुका है,
डॉ. किरणमयी नायक का कार्यकाल पूरा होने के बाद, छत्तीसगढ़ सरकार ने डॉ. ममता साहू को राज्य महिला आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार द्वारा जारी निगम, मंडल और आयोगों की बहुप्रतीक्षित सूची में डॉ. ममता साहू को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सक्रिय कार्यकर्ता रही हैं और पार्टी के विभिन्न सांगठनिक पदों पर कार्य कर चुकी हैं।
इस नई नियुक्ति के साथ ही अब राज्य महिला आयोग में नए सिरे से कामकाज और महिलाओं से जुड़े मामलों की सुनवाई तेजी से शुरू होने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने अपनी नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा के बाद विभागीय औपचारिकताओं और पदभार (पद ग्रहण) की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार द्वारा जारी आदेश के बाद उन्होंने वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की है और आयोग के कामकाज को संभालने की तैयारी में जुट गई हैं।
पद ग्रहण करने के साथ ही उनके सामने मुख्य रूप से निम्नलिखित जिम्मेदारियां होंगी
लंबित मामलों का निपटारा: पिछले कुछ समय से आयोग में महिलाओं से जुड़े जो मामले लंबित हैं, उनकी सुनवाई को गति देना।
महिला सशक्तिकरण: राज्य सरकार की प्राथमिकताओं (जैसे 'महतारी वंदन योजना' व अन्य महिला केंद्रित नीतियां) के अनुसार महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए काम करना।
पारदर्शिता और त्वरित न्याय: पीड़ित महिलाओं की शिकायतों पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करना।
सांगठनिक रूप से लंबा अनुभव रखने और साहू समाज के महिला प्रकोष्ठ में राष्ट्रीय स्तर पर काम करने के कारण, उनके पद ग्रहण करने से आयोग के कामकाज को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


