ब्रह्माकुमारीज के 90 वर्ष शांतिवन में नवदशकोत्सव का भव्य शुभारंभ, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत हुए शामिल

 ब्रह्माकुमारीज के 90 वर्ष



 शांतिवन में नवदशकोत्सव का भव्य शुभारंभ, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत हुए शामिल



ब्रह्माकुमारीज के 90 वर्षों की गौरवगाथा का वैश्विक मंच पर हुआ भव्य उद्घोष



नवदशकोत्सव एवं वैश्विक शिखर सम्मेलन का शुभारंभ, केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत सहित देश की प्रमुख विभूतियों ने आध्यात्मिक जागृति को बताया विश्व कल्याण का आधार


आबू रोड, सिरोही, राजस्थान

 ब्रह्माकुमारी संस्था के 90 वर्षों की गौरवशाली यात्रा के उपलक्ष्य में आयोजित नवदशकोत्सव एवं वैश्विक शिखर सम्मेलन का शुभारंभ 24 अक्टूबर 2026 को शांतिवन के डायमण्ड हॉल में उत्साह, उमंग और आध्यात्मिक गरिमा के साथ हुआ। 

इस ऐतिहासिक अवसर पर संस्था के नौ दशकों के स्वर्णिम इतिहास, आध्यात्मिक जागृति और विश्व कल्याण के लिए किए गए कार्यों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया गया। देश की प्रमुख विभूतियों, आध्यात्मिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों, मीडिया जगत की हस्तियों और संस्था के वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति में यह आयोजन आत्मिक परिवर्तन से विश्व परिवर्तन की प्रेरणा लेकर आया।

*इतिहास के पन्नों से विश्व मंच तक पहुंची आध्यात्मिक क्रांति*

ब्रह्माकुमारी संस्था की 90 वर्षों की यात्रा केवल समय का पड़ाव नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागृति, नारी सशक्तिकरण और मानवीय मूल्यों के पुनर्जागरण की प्रेरक गाथा है। उस दौर में, जब महिलाओं का घर से बाहर निकलकर आध्यात्मिक ज्ञान और सामाजिक कार्यों में सक्रिय होना सहज नहीं माना जाता था, तब संस्था ने माताओं और बहनों को आत्मसम्मान, स्वावलंबन और आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से जीवन को नई दिशा देने का अवसर प्रदान किया। नवदशकोत्सव के अवसर पर प्रकाश स्तंभ पर विशेष प्रदर्शनी के माध्यम से संस्था के ऐतिहासिक सफर को प्रदर्शित किया गया। इस प्रस्तुति ने उस परिवर्तनकारी यात्रा को सामने रखा, जिसने असंख्य लोगों को जीवन जीने की नई राह दिखाई।

*'व्यक्ति निर्माण से विश्व कल्याण' संस्था की यात्रा का मूल संकल्प : गजेंद्र सिंह शेखावत*

भारत सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ब्रह्माकुमारी संस्था के 90 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई देते हुए कहा कि यह अवसर उनके लिए आत्मिक संतोष के साथ-साथ अत्यंत प्रेरणादायी भी है। शांतिवन के पवित्र परिसर में आयोजित इस उत्सव में सम्मिलित होना गौरव की बात है। उन्होंने संस्था की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी मोहिनी दीदी और वरिष्ठ पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

*नौ दशक की यात्रा, विश्व कल्याण के संकल्प को और सुदृढ़ करने का अवसर*

शेखावत ने कहा कि किसी व्यक्ति के जीवन में 90 वर्ष का समय बहुत लंबा होता है, लेकिन जिस संस्था की स्थापना का उद्देश्य विश्व कल्याण हो, उसके लिए यह यात्रा निरंतर साधना का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। ब्रह्माकुमारी संस्था व्यक्ति निर्माण से समाज निर्माण, समाज निर्माण से राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण से विश्व कल्याण की भावना के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नौ दशक की यह यात्रा केवल वर्षों की गणना नहीं, बल्कि उस संकल्प को पुनः सुदृढ़ करने का अवसर है, जिसने असंख्य परिवारों के जीवन में सद्भाव और सकारात्मक परिवर्तन का संदेश दिया है।

*निस्वार्थ सेवा करने वाली अनगिनत आत्माओं के प्रति कृतज्ञता*

केंद्रीय मंत्री ने संस्था की सफलता में योगदान देने वाले समर्पित भाई-बहनों को याद करते हुए कहा कि अनेक लोगों ने बिना नाम, यश या व्यक्तिगत उपलब्धि की कामना किए अपना जीवन सेवा में समर्पित किया। उन्होंने ऐसे सेवाधारियों की तुलना उस नींव से की, जिस पर एक विशाल इमारत खड़ी होती है। संस्था की 90 वर्षों की उपलब्धियों के पीछे इन अनगिनत समर्पित आत्माओं का योगदान है, जिनके प्रति समाज को कृतज्ञता व्यक्त करनी चाहिए।

*'बाबा ने हमें स्वमान दिया और विश्व सेवा का मार्ग दिखाया' : राजयोगिनी मोहिनी दीदी*

संस्था की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी मोहिनी दीदी ने नवदशकोत्सव को अत्यंत खुशी और गौरव का अवसर बताते हुए परमपिता परमात्मा शिव के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब उन्होंने ईश्वरीय ज्ञान प्राप्त करना शुरू किया, तब उनकी आयु लगभग 15-16 वर्ष थी। उस समय लड़कियों का अकेले घर से बाहर निकलना भी सहज नहीं माना जाता था। शुरुआत में उन्हें विभिन्न स्थानों पर सेवा के लिए जाने में कठिनाई होती थी, लेकिन बाबा की प्रेरणा से उन्होंने भारत के अनेक स्थानों पर सेवाएं दीं और बाद में विदेशों में भी आध्यात्मिक सेवा का विस्तार किया।

*आध्यात्मिक ज्ञान से मिला आत्मविश्वास और विश्व सेवा का अवसर*

मोहिनी दीदी ने कहा कि परमात्मा ने उन्हें केवल आध्यात्मिक ज्ञान ही नहीं दिया, बल्कि स्वमान, निःस्वार्थ सेवा और विश्व कल्याण की भावना भी प्रदान की। एक समय ऐसा था, जब यात्रा करने और नए स्थानों पर सेवा केंद्र स्थापित करने की कल्पना भी कठिन लगती थी। आज वही आध्यात्मिक प्रेरणा उन्हें विश्व के अनेक देशों में सेवा करने का अवसर दे रही है। उन्होंने अपने लगभग 70 वर्षों के आध्यात्मिक जीवन को परमात्मा की देन बताते हुए कृतज्ञता व्यक्त की।

*140 देशों में आध्यात्मिक शिक्षा और व्यसनमुक्त जीवन का संदेश : डॉ. बीके मृत्युंजय*

संस्था के अतिरिक्त महासचिव राजयोगी डॉ. बीके मृत्युंजय भाई ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि संस्था के इतिहास में यह दिन स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा। उन्होंने बताया कि 90 वर्षों की यात्रा में ब्रह्माकुमारी संस्था का विस्तार 140 देशों तक हुआ है, जहां आध्यात्मिक ज्ञान और आदि सनातन भारतीय संस्कृति की शिक्षाएं दी जा रही हैं। उनके अनुसार, संस्था से जुड़कर 10 लाख से अधिक भाई-बहनों ने अपने जीवन को श्रेष्ठ बनाने और व्यसनमुक्त जीवन की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि संस्था आध्यात्मिक जागृति के माध्यम से विश्व में शांति का संदेश प्रसारित कर रही है।

*'आध्यात्मिक मूल्यों की स्थापना आज विश्व की बड़ी आवश्यकता' : रक्तिम दास*

जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड के सीईओ रक्तिम दास ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था में उनका पहला आगमन है और 90 वर्षों से संस्था द्वारा किए जा रहे आध्यात्मिक जागरण के कार्य को जानकर उन्हें प्रसन्नता हुई। उन्होंने कहा कि आज विश्व के अनेक हिस्सों में युद्ध और अशांति का वातावरण है। विश्वास की कमी भी अनेक समस्याओं का कारण बन रही है। ऐसे समय में समाज में आध्यात्मिक मूल्यों को स्थापित करने और शांति की राह दिखाने में संस्था की भूमिका सराहनीय है। उन्होंने स्वयं के परिवर्तन को विश्व परिवर्तन का आधार बताया।

*'परमात्मा की याद की शक्ति से होगा आंतरिक परिवर्तन' : राजयोगिनी जयंती दीदी*

संस्था की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी जयंती दीदी ने सभी को नवदशकोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि परमात्मा दुःखहर्ता और सुखकर्ता हैं। उनकी संतान होने के नाते हमें भी दूसरों के दुःख दूर करने और उनके जीवन में सुख का अनुभव कराने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुख देने की भावना और श्रेष्ठ कर्मों से ही सुंदर समाज का निर्माण संभव है। एक शांतिपूर्ण और सुखमय दुनिया के निर्माण के लिए सबसे पहले स्वयं के भीतर परिवर्तन लाना होगा, जिसकी शक्ति परमात्मा की याद और आध्यात्मिक अभ्यास से प्राप्त होती है।

*'श्रेष्ठ भावनाएं और विचार ही धरती को स्वर्ग बना सकते हैं' : संदीप मारवाह*

नोएडा फिल्म सिटी एवं मारवाह स्टूडियो के संस्थापक संदीप मारवाह ने संस्था के 90 वर्ष पूर्ण होने पर विश्वभर के भाई-बहनों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रकृति की सुंदरता के साथ-साथ मनुष्य की भावनाएं और विचार भी अत्यंत सुंदर और महत्वपूर्ण हैं। श्रेष्ठ भावनाएं और सकारात्मक विचार व्यक्ति को अच्छे कर्मों की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने सभी से परमात्मा से श्रेष्ठ भावनाएं और विचार प्राप्त करने की प्रेरणा लेते हुए कहा कि अच्छे कर्मों के माध्यम से धरती को स्वर्ग समान बनाया जा सकता है।

उन्होंने समाज के विकास में उन लोगों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया, जिनमें उत्साह, लगन, आशा, दया और समाज तथा देश के लिए कुछ करने का संकल्प होता है। ऐसे लोग ही अपने प्रयासों से उपलब्धियां हासिल करते हैं और समाज को आगे बढ़ाते हैं।

*'शांति और परिवर्तन का अनुभव लेकर लौटा था' : सुधीर चौधरी*

डीडी न्यूज के एडिटर-इन-चीफ एवं डीकोड के एंकर सुधीर चौधरी ने ब्रह्माकुमारी संस्था से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि लगभग 10 वर्ष पहले जब वे पहली बार इसी परिसर में आए थे, तब उन्हें मानसिक शांति का सुखद अनुभव हुआ था। वहां से लौटने के बाद उन्होंने अपने भीतर सकारात्मक बदलाव महसूस किया। उन्होंने कहा कि जीवन में मिले प्रेम, सम्मान और अवसरों के लिए वे ब्रह्माकुमारी संस्था के योगदान को महत्वपूर्ण मानते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन से अनेक लोगों के जीवन में परिवर्तन के नए अध्याय की शुरुआत होगी।

*'दुनिया की खबरों के साथ अपने भीतर की खबर जानना भी जरूरी' : अमन चोपड़ा*

न्यूज18 नेटवर्क के न्यूज एंकर अमन चोपड़ा ने संस्था के 90 वर्ष पूर्ण होने पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पत्रकार दुनिया में और अपने आसपास घटने वाली घटनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाते हैं, लेकिन अपने भीतर क्या चल रहा है, इसे समझना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वे इस आयोजन में केवल खबर देने नहीं, बल्कि सीखने और आध्यात्मिक चेतना को समझने आए हैं। उन्होंने आंतरिक जागृति को जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का महत्वपूर्ण आधार बताया।

*अनुराधा पौडवाल ने दी शुभकामनाएं, संगीत के माध्यम से देश सेवा का संकल्प*

पद्मश्री सम्मान से सम्मानित प्रसिद्ध गायिका अनुराधा पौडवाल ने ब्रह्माकुमारी संस्था के 90 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई दी। उन्होंने इस ऐतिहासिक उत्सव का हिस्सा बनने को अपना सौभाग्य बताते हुए कहा कि उन्हें ब्रह्माकुमारी परिवार से पहले भी मिलने और प्रेरणा प्राप्त करने का अवसर मिला है। उन्होंने बीके शिवानी दीदी से मिलने वाली प्रेरणा का उल्लेख करते हुए सभी के आशीर्वाद से अपने गीतों के माध्यम से देश की सेवा करते रहने की भावना व्यक्त की।

*आंतरिक सुख और सकारात्मकता से होगा नई दुनिया का निर्माण*

कार्यक्रम में फर्स्ट इंडियन वुमन टू स्केल द सेवन समिट्स डॉ. मानस्वी अग्रवाल और टाइम्स फाउंडेशन के मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग नेशनल हेड राजीव डोभाल ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने आध्यात्मिक जागृति, सकारात्मक सोच, आत्मिक परिवर्तन और मानवीय मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला।

*वंदे मातरम्, गणेश वंदना और कथक नृत्य ने बांधा समां*

उद्घाटन सत्र का शुभारंभ आकार ग्रुप की मधुर वंदे मातरम् प्रस्तुति से हुआ। इसके बाद गणेश वंदना के माध्यम से आध्यात्मिक संस्कारों और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का संदेश दिया गया। राष्ट्रभक्ति के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा। इंदौर से आए प्रतीक्षा एंड ग्रुप ने मनमोहक कथक नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में सांस्कृतिक गरिमा और आकर्षण बढ़ाया।

*90 दीपों के प्रज्ज्वलन से जगमगाया डायमण्ड हॉल*

नवदशकोत्सव के अवसर पर 90 दीप प्रज्ज्वलित कर संस्था की नौ दशक की आध्यात्मिक यात्रा का प्रतीकात्मक उत्सव मनाया गया। दीपों की रोशनी ने ज्ञान, शांति और सकारात्मकता का संदेश दिया। यह आयोजन उस अविरल प्रकाश का प्रतीक बना, जो अज्ञान और तनाव के अंधकार को दूर कर जीवन में शांति की किरणें फैलाने की प्रेरणा देता है।

*प्रधानमंत्री का शुभकामना संदेश, सुधीर चौधरी को राष्ट्र चेतना पुरस्कार*

संस्था के 90 वर्ष पूर्ण होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभकामना संदेश भेजकर अपनी प्रसन्नता और शुभेच्छाएं व्यक्त कीं। इस अवसर पर डीडी न्यूज के एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी को राष्ट्र चेतना पुरस्कार से सम्मानित किया गया। संस्था के 90 वर्षों के इतिहास पर आधारित विशेष वीडियो स्क्रीनिंग के माध्यम से इस गौरवशाली यात्रा को प्रदर्शित किया गया। उत्सव के दौरान केक काटकर खुशियां भी मनाई गईं।

*अतिथियों का पारंपरिक स्वागत, स्मृति चिह्न भेंटकर किया सम्मानित*

कार्यक्रम में सभी अतिथियों का भारतीय संस्कृति की परंपरा के अनुरूप तिलक, राजस्थान की पहचान पगड़ी, अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ और पुष्पहार से स्वागत किया गया। कार्यक्रम के समापन पर संस्था की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी मोहिनी दीदी, अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी मुन्नी दीदी और अतिरिक्त महासचिव राजयोगी डॉ. बीके मृत्युंजय भाई ने मुख्य अतिथियों को परमात्म स्मृति चिह्न और स्मृति-चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर एवं राजयोग शिक्षिका बीके शिविका बहन ने किया।

*नवदशकोत्सव का संदेश:* ब्रह्माकुमारी संस्था की 90 वर्षों की यात्रा आध्यात्मिक जागृति, नारी सशक्तिकरण, निस्वार्थ सेवा और विश्व कल्याण के संकल्प को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देती है। यह उत्सव स्वयं में सकारात्मक परिवर्तन लाकर समाज और विश्व में शांति स्थापित करने का आह्वान है।

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