स्थानीय परीक्षाओं के मध्य मूल्यांकन आदेश को लेकर शिक्षक परेशान
आरंग ---
जिला शिक्षा कार्यालय रायपुर द्वारा विगत दिवस 30 मार्च से कक्षा 5 वीं तथा 8 वीं की उत्तरपुस्तिकाओ के मूल्यांकन का आदेश जारी हुआ जिसमें मूल्यांकनकर्ता शिक्षकों को प्रातः 10 भेजे से 5 बजे तक उपस्थित रहना है है इसी बीच 30 मार्च से ही प्रातः 8.30 बजे से 11.30 बजे तक स्थानीय परीक्षाए भी आयोजित होनी है जो 10अप्रैल तक चलेगी वहीं 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षा भी 6अप्रैल तक निर्धारित है समय सारणी को लेकर आंशिक परिवर्तन की मांग उठने लगी है अधिकांश शिक्षकों की केंद्राध्यक्षएवं पर्यवेक्षक के रूप में ड्यूटी लगाई गई है इस आदेश के चलते शिक्षक संघ उलझन में है कि वे परीक्षा आयोजित करे कि मूल्यांकन का कार्य करे एक ही समय में दोहरी जिम्मेदारी के दबाव के चलते मूल्यांकन की गुणवत्ता और पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है संघ ने कहा है कि जमीनी हकीकत को नजरअंदाज करते हुए इस तरह का आदेश तथा दोहरी जिम्मेदारी पूर्णतः अव्यावहारिक ही नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है कई शालाओं में शिक्षकों की कमी बनी हुई है खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में भीषण गर्मी के चलते जल स्तर घटने से पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है ग्रामीण अंचल में बिजली पानी की समस्या बहुत आम बात है सनातन धर्म परिषद प्रवक्ता पं छत्रधर दीवान हेमंत चंद्राकर नेमेश्वर साहू हीरामणि साहू हेमनाथ साहू अरुण कुमार साहू डी पी बघेल रोमेश चंद्राकर गणेश राम साहू आदि ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर संयुक्त बयान में मूल्यांकन की तिथि आगे बढ़ाने तथा समय 7.30 बजे से 12.30 तक रखने का आग्रह किया है इससे न तो परीक्षा संचालन में दिक्कत होगी और नहीं मूल्यांकन की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा विज्ञप्ति में सनातन धर्म परिषद ने शिक्षा विभाग से 30 मार्च तथा 2 अप्रैल की स्थानीय परीक्षाओं में आंशिक परिवर्तन की मांग की है
