ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा, ग्रामीणों में रोजगार के नए कानून जानने की थी उत्सुकता-सीईओ ढालेन

  ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा, ग्रामीणों में रोजगार के नए कानून जानने की थी उत्सुकता-सीईओ ढालेन



फिंगेश्वरः-

 विकासखंड की सभी 71 ग्राम पंचायतों में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण अधिनियम 2025 के संबंध में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। राज्य सरकार के आदेश एवं जिला पंचायत के सीईओ प्रखर चंद्राकर के दिशा निर्देश में हुई ग्राम सभाओं के बारे में जानकारी देते हुए फिंगेश्वर जनपद पंचायत की सीईओ ज्योतिबाला ढालेन ने बताया कि इन बैठकों के माध्यम से ग्रामीणों को नए कानून के प्रावधानों, इससे होने वाले लाभों और भविष्य में इसके क्रियान्वयन के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। यह नया कानून ग्रामीण भारत में रोजगार और आजीविका को नई दिशा देने के उद्देश्य से लाया गया है, जो अब मनरेगा का स्थान लेगा। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि अब ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 100 दिन के स्थान पर 125 दिन का रोजगार प्रदान किया जाएगा। जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी। योजना का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराकर उनका सशक्तिकरण करना है। कार्यो में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए इसमें डिजिटलाइजेशन और आधुनिक टेक्नोलाजी का व्यापक उपयोग किया जाएगा। विकासखंड की सभी 71 ग्राम पंचायतों में उपस्थित ग्रामीणों को बताया गया कि इस अधिनियम के अंतर्गत मुख्य रूप से जल संरक्षण, भू-जल पुनर्भरण, वाटरशेड विकास, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, वनीकरण और पारंपरिक जल स्त्रोतों के जीर्णोद्धार जैसे कार्यो को प्राथमिकता दी जाएगी। इन प्रयासों से न केवल ग्राम्यांचल की मूलभूत ग्रामीण अवसंरचना सुदृढ़ होगी, बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकुलन क्षमताओं का भी विकास होगा। सीईओ ज्योतिबाला ढालेन ने बताया कि ग्रामीणों ने ग्रामसभा में नए रोजगार की जानकारी लेने काफी उत्सुकता दिखाई। ग्रामीणों को बताया गया कि वित्तीय व्यवस्था के संदर्भ में यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसमें केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी 60ः40 के अनुपात में निर्धारित की गई है। अधिनियम में श्रमिकों के हितों का विशेष ध्यान रखते हुए सात दिवस के भीतर मजदूरी भुगतान की गारंटी दी गई है और तय समय सीमा में काम उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता देने का कड़ा प्रावधान भी शामिल किया गया है। श्रीमती ढालेन ने कहा कि इन विशेष सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों को आजीविका के नए अवसरों और कौशल विकास के प्रति जागरूक किया गया, ताकि ग्रामीण परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार किया जा सके। ग्राम सभाओं में ग्रामीणों का उत्साह देखते ही बन रहा था। मनरेगा के नए नियम जानने एवं समझने गांव वाले काफी उत्सुक है। नए रोजगार नियम का ग्राम सभाओं में ग्रामीणों को जानकारी देने जिला प्रशासन एवं जिला सीईओ प्रखर चंद्राकर का प्रशंसनीय योगदान रहा।

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