रायपुर साहित्य उत्सव में जिला गरियाबंद के साहित्यकारों ने किया सशक्त कविता पाठ

 रायपुर साहित्य उत्सव में जिला गरियाबंद के साहित्यकारों ने किया सशक्त कविता पाठ



फिंगेश्वरः

-छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर राजभाषा आयोग एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त तत्वावधान में तथा शशांक शर्मा के नेतृत्व में आयोजित रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का आयोजन 23 से 25 जनवरी तक नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन, रायपुर में किया जा रहा है। इस विराट साहित्य सम्मेलन में देश-प्रदेश के ख्यातिप्राप्त साहित्यकारों, विचारकों एवं रचनाकारों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इसी क्रम में गरियाबंद के साहित्यकारों को भी मंच प्रदान किया गया, जहाँ जिले के 14 साहित्यकारों ने विविध विधाओं में कविता पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ अंतरराष्ट्रीय कवि नूतन लाल साहू ने शेरो-शायरी से किया। कविता पाठ के दौरान रोहित कुमार साहू ‘माधुर्य’ ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। मकसूदन साहू ने बरीवाला कविता का पाठ किया। संतोष सेन ने हास्य रचना से श्रोताओं को गुदगुदाया, वहीं मोहन लाल मानिकापन ने माता-पिता पर आधारित भावपूर्ण रचना सुनाई। पुरुषोत्तम चक्रधारी ने रिलो गीत प्रस्तुत किया। संतोष व्यास ने मोर अंगना में तुलसी के चैरा कविता का पाठ किया।इसके अलावा नरेंद्र कुमार पार्थ ने छत्तीसगढ़ महतारी पर आधारित रचना प्रस्तुत की। भोला महराज ने धार्मिक रचना का पाठ किया। बाबूलाल श्रीवास ने छत्तीसगढ़ी रचना से श्रोताओं का मन मोहा। सरोज कंसारी ने बेटियों पर आधारित सशक्त कविता प्रस्तुत की। तुषार शर्मा ‘नादान’ एवं श्यामलाल शोरी ने छत्तीसगढ़ महतारी के महत्व पर आधारित कविताएँ प्रस्तुत कीं। वहीं सुरेश बंजारे ने शेरो-शायरी के अंदाज में खूब तालियाँ बटोरीं। कार्यक्रम का सफल संचालन अंतरराष्ट्रीय कवि नूतन लाल साहू ने किया। जिला गरियाबंद के साहित्यकारों की प्रस्तुतियों ने रायपुर साहित्य उत्सव में जिले की सशक्त साहित्यिक पहचान को प्रभावशाली रूप से स्थापित किया।

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