जीवन के हर क्षेत्र में आध्यात्मिक सफलता का अनुभव करें (भाग 1)

 जीवन के हर क्षेत्र में आध्यात्मिक सफलता का अनुभव करें (भाग 1)



हम सभी अपने जीवन में कई लक्ष्यों और उपलब्धियों को हासिल करना चाहते हैं। हालांकि, हम जैसा सोचते हैं वैसा हमेशा नहीं हो पाता और इसके विपरीत जीवन हमारे सामने कई नई परिस्थितियाँ लाता है और साथ ही हमें जीवन के हर पल में कुछ न कुछ हासिल करना होता है। क्या आप जानते हैं कि,


अपने जीवन को हर पल खुशियों और संतुष्टता से जीने से ही सच्ची सफलता आती है।

दूसरी तरफ, जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण लक्ष्यों को प्राप्त करना और मील के पत्थर हासिल करना भी बहुत जरूरी है। फिर भी, जब हम इन्हें हासिल करते हुए हल्के रहते हैं और अपने कार्यों को सकारात्मक और सही रखते हैं तो इसके परिणामस्वरूप हम स्वयं को खुश और संतुष्ट पाते हैं, जोकि सही मायने में सफलता है।


अधिकतर, हम अपने लक्ष्यों की तरफ बहुत तेजी से आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं, जिससे कुछ हद तक सफलता मिल सकती है। लेकिन अपने लक्ष्यों की तरफ आगे बढ़ते हुए यदि हमारे कार्यों से किसी को दुख होता है या हम अपने काम के प्रति ईमानदार नहीं होते या अपना उम्मीद और आत्मविश्वास खो देते हैं या यहां तक कि इसका हमारे संबंधों या हमारे स्वास्थ पर प्रभाव पड़ता है, तो ये सही मायने में सच्ची सफलता नहीं है। सफलता का अर्थ है कि हर कदम पर उपलब्धियों की भावना का अनुभव होना, नाकि सिर्फ तब जब हम अपनी अंतिम मंजिल पर पहुँच जाते हैं। साथ ही, सफलता का मतलब है; एक-दूसरे के साथ शुभकामनाएं बांटना, एक-दूसरे को प्यार देना, एक-दूसरे को आशीर्वाद देना और लेना, श्रेष्ठ गुणों और शक्तियों के साथ सभी की सेवा करना और इसे निरंतर बनाए रखते हुए आखिर में एक अच्छा इंसान बनना। दुनियावी चीज़ों में या अपने रोल में भौतिक सफलता मिलना पर इस सफलता को भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से अनुभव न कर पाना, ना तो पूरी सफलता है और न ही 100% सफलता है।


(कल जारी रहेगा…)

Previous Post Next Post
ad inner footer