राजिम कुंभ कल्प मेला के पहले दिन श्रद्धालुओं को मिला गंदा पानी, जल संसाधन विभाग की लापरवाही उजागर
राजिम
राजिम कुंभ कल्प मेला की शुरुआत श्रद्धा और आस्था के साथ हुई, लेकिन माघी पुन्नी के प्रथम दिन पुण्य स्नान के लिए त्रिवेणी संगम पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं को निराशा हाथ लगी। जल संसाधन विभाग की लापरवाही के चलते श्रद्धालुओं को गंदे, काई और झागयुक्त पानी में स्नान करने को मजबूर होना पड़ा।
प्रशासन द्वारा पहले से ही घाटों की सफाई, जल प्रवाह और जलस्तर को नियंत्रित रखने के निर्देश दिए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और निर्मल जल में स्नान का अवसर मिल सके। बावजूद इसके, प्रथम दिवस की सुबह जब श्रद्धालु संगम पहुंचे तो नदी की स्थिति देखकर वे हैरान रह गए।
प्रदेश के दूर-दराज इलाकों से आए श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्होंने त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान की कल्पना की थी, लेकिन गंदे पानी में उतरने से उन्हें मानसिक पीड़ा हुई। कई श्रद्धालु स्नान किए बिना ही लौटते नजर आए।
श्रद्धालुओं का कहना है कि जब प्रशासन और जल संसाधन विभाग को कई दिनों पहले से जानकारी थी कि मेला शुरू हो रहा है, तो समय रहते जल शुद्धिकरण और प्रवाह व्यवस्था क्यों नहीं की गई।
स्थानीय लोगों ने भी इसे घोर लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर चूक पर क्या कदम उठाता है।
