सच्चे मन से कर्म करो, ईश्वर भाग्य बदल देता है - कथावाचक महेन्द्र ठाकुर

 सच्चे मन से कर्म करो, ईश्वर भाग्य बदल देता है - कथावाचक महेन्द्र ठाकुर 




फिंगेश्वर -

 समीपस्थ ग्राम कौन्दकेरा में चल रही पांच दिवसीय श्री रामचरित मानस यज्ञ व शिव महापुराण कथा का मंगलवार को विधिवत समापन हुआ। इस अवसर पर आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। 




पूरे आयोजन के दौरान हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण शिवमय बना रहा । कथा के पांचवे एवं अंतिम दिन कथावाचक महेन्द्र कुमार ठाकुर सिद्ध बाबा आश्रम शिवालय परिवार पिपराही वाले भगत ने भगवान शिव के महत्व, उनके आदर्श जीवन और शिव भक्ति के आध्यात्मिक संदेशों को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव केवल देवों के देव ही नहीं, बल्कि त्याग, तप, करुणा और समता के प्रतीक हैं। शिव का स्मरण करने से व्यक्ति के जीवन से अहंकार, भय और नकारात्मकता का नाश होता है तथा मन को शांति और स्थिरता प्राप्त होती है। श्री ठाकुर ने शिव महापुराण के प्रसंगों के माध्यम से बताया कि भगवान शिव भोलेनाथ हैं, वे सच्चे मन से की गई भक्ति से शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को सत्य, अहिंसा, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कथा के दौरान शिव-पार्वती विवाह, समुद्र मंथन, नीलकंठ की कथा, भस्मासुर वध एवं ज्योतिर्लिंगों के महत्व जैसे प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।आरती के पश्चात प्रसादी का वितरण किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति एवं ग्रामवासियों द्वारा कथावाचक श्री महेन्द्र कुमार ठाकुर जी का श्रीफल एवं शाल भेंट कर सम्मान किया गया। आयोजनकर्ता के सदस्यों मन्नूलाल साहू, मनोज यादव सरपंच प्रतिनिधि, भैया राम साहू,मोहन दिवान, हरमेश यादव, ऋषभ साहू,चिमन लाल साहू,प्रदीप साहू,तेजराम साहू,संतराम साहू,जनक साहू, नकछेड़ा साहू,ने सफल आयोजन के लिए सभी श्रद्धालुओं, दानदाताओं एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। पांच श्री रामचरित मानस यज्ञ व दिवसीय शिव महापुराण कथा के समापन के साथ ही गांव में आध्यात्मिक चेतना और धार्मिक ऊर्जा का संचार देखने को मिला।

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