छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत ने डोंगरीगांव, गरियाबंद में संचालित बांस शिल्प परियोजना के अंतर्गत आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया
छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत ने डोंगरीगांव, गरियाबंद में संचालित बांस शिल्प परियोजना के अंतर्गत आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में गोदना शिल्प एवं बांस शिल्प का प्रशिक्षण स्थानीय शिल्पकारों एवं प्रशिक्षार्थियों को प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर श्रीमती राजपूत ने प्रशिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक हस्तशिल्प कलाएं हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं। गोदना एवं बांस शिल्प जैसी लोककलाओं के संरक्षण और संवर्धन से न केवल परंपराएं जीवित रहेंगी, बल्कि शिल्पकारों को रोजगार एवं आत्मनिर्भरता का भी अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर श्रीमती राजपूत ने हस्तशिल्प विकास बोर्ड कार्यालय एवं प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण किया तथा बांस शिल्प परियोजना के माध्यम से निर्मित विभिन्न शिल्पों का अवलोकन कर शिल्पकारों के कार्यों की सराहना की इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री डॉ. आशीष शर्मा, मंत्री , सुरेंद्र सोनटेके, बिंद्रानवागढ़ मंडल अध्यक्ष धनराज विश्वकर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। साथ ही अधिकारी, शिल्पकार एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षार्थी मौजूद रहे।
