मनरेगा अंतर्गत वृक्षारोपण कार्य में महिला समूह द्वारा देख रेख के अभाव में लगाए गए वृक्ष हुए तहस-नहस ग्रामीणों ने लगाया आरोप, मनरेगा अधिकारी कर रहे जांच
फिंगेश्वरः
-समीपस्थ ग्राम परसदाकला में महिला स्व सहायता समिति द्वारा वनविभाग एवं मनरेगा कार्य अंतर्गत गांव के खाली पड़े स्थानों पर किए गए वृक्षारोपण में काफी पैमाने में महिला समूह द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की शिकायत गांव के यादराम साहू, राजाराम निषाद, खेमाराम साहू सहित कुछ ग्रामीणों ने फिंगेश्वर जनपद पंचायत में मनरेगा की प्रभारी रीना धु्रर्वे को किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है। ग्रामीणों की शिकायत पर मनरेगा प्रभारी रीना धु्रर्वे अपनी टीम के साथ वृक्षारोपण की जांच के लिए पहुंची। पूछे जाने पर मनरेगा प्रभारी रीना धु्रर्वे ने बताया कि मनरेगा अन्तर्गत किए गए वृक्षारोपण कार्यो पर 2-3 ग्रामीणों की शिकायत पर जांच के लिए आए हैं। जांच उपरान्त अगर कोई दोषी पाया जावेगा तो सख्त कार्यवाही की जावेगी। जागृति महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष गुलापा साहू ने बताया कि उनकी समिति ने 277 पौधे लगाए थे। उनके लिए प्रत्येक पौधो में ट्री गार्ड भी लगाया गया है। इसके लिए हमें शासन से 5 लाख रूपये मिले है। पौधों में महिलाएं काफी दूर से बाल्टियों में पानी भर भर कर लाती और पौधों को सिंचती है। 10-20 पौधे मर गए होंगे। ग्रामीणों ने कहा कि 5 लाख रूपये मिलने के बाद भी पौधों की सही ढंग से सुरक्षा नहीं की गई है। महिला समूह की सदस्यों एवं शिकायतकर्ताओं, ग्रामीणों के मध्य भी काफी विवाद हुआ। अब जांच दल की रिर्पोट के बाद ही मामला स्पष्ट होगा। ग्राम के अनेक ग्रामीणों ने बताया कि महिला स्व सहायता समूह की सदस्यों द्वारा पेड़ की सुरक्षा की जा रही है। परंतु गांव के कुछ लोगों द्वारा बेवजह परेशान करने के उद्देश्य से शिकायत की गई है।
