धान खरीदी केन्द्रों से परिवहन ठप्प केन्द्रों में बना धान का पहाड़, खरीदी बंद होने के आसार, कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी

 धान खरीदी केन्द्रों से परिवहन ठप्प केन्द्रों में बना धान का पहाड़, खरीदी बंद होने के आसार, कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी



अंकुर पहाड़िया फिंगेश्वरः

-धान खरीदी केन्द्रों से धान का परिवहन रोक दिया गया है। लगभग सभी धान खरीदी केन्द्रों में ओव्हर लिमिट खरीदी के कारण धान की बोरियों का पहाड़ लग गया है। 15 नवम्बर से प्रारंभ खरीदी केन्द्रों में लगभग एक-सवा माह बाद काफी कम रफ्तार से परिवहन शुरू हुआ था और अधिकांश जगह 10-20-30 प्रतिशत ही धान उठ पाया था। प्रारंभ में 15 जनवरी तक तो मात्र राईस मिलों के लिए ही धान खरीदी केन्द्रांे से काफी कम धान परिवहन होता रहा। बाद में संग्रहण केन्द्र के लिए इक्का दुक्का रिलीज आर्डर से धान परिवहन हुआ। इसके बाद भी धान का भारी संग्रहण खरीदी केन्द्रों में हो गया और काफी मुश्किल से ऐनकेन प्राकारेण धान खरीदी की जा रही थी। परंतु आज 17 जनवरी की सरकार का फरमान धान खरीदी सिस्टम में आया है जिससे राईस मिलों को धान का परिवहन बंद किए जाने के निर्देश मिले हैं। इस फरमान से सभी धान खरीदी केन्द्रों में दुविधा एवं हंडकंप की स्थिति हो गई है। धान खरीदी के अंतिम दिनों में आवक बम्फर है, पहले की खरीदी के पड़े धान के ढेरो के कारण केन्द्रांे की स्थिति वैसे ही काफी खराब है, उस पर परिवहन बंद किए जाने के आदेश से कभी भी किसी भी धान केन्द्र में धान खरीदी जगह के अभाव में बंद हो सकती है। इससे जो किसान अब तक अपनी मात्रा का धान नहीं बेच पाए हैं। वे काफी परेशान एवं चिंतित है। अभी 25 से 30 प्रतिशत धान की खरीदी रोष है। इस बारे में फिंगेश्वर सहकारी बैंक के प्रबंधक एस. एन. शुक्ला से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सिस्टम में बता रहा है कि राईस मिलों के लिए परिवहन बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा हमारे यहां से तो 90 प्रतिशत धान राईस मिलांे में ही गया है। संग्रहण केन्द्र में तो धान परिवहन नहीं के बराबर है। सहकारी विभाग के डीएमओ चन्द्रा ने भी यही बात बताते हुए कहा कि पता नहीं ऐसा क्यों परिवहन बंद किया गया है। श्री चन्द्रा ने कहा कि आज तो संग्रहण केन्द्र भी परिवहन सिस्टम में खराबी के कारण बंद है। इससे साफ है कि खरीदी केन्द्रांे से परिवहन पूरा ठप्प हो गया है। खरीदी के अंतिम दिनों में यही स्थिति कृषक हित में नहीं मानी जा सकती। परिवहन के अभाव में खरीदी चालू रहना संभव नहीं रहेगा। इससे किसानों के समक्ष काफी बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती है। इस बारे में जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भावसिंग साहू ने काफी रोष व्यक्त करते हुए कहा कि धान खरीदी केन्द्रों को प्राप्त प्रतिदिन धान खरीदी की लिमिट से तो पहले ही सभी किसानों का धान 31 जनवरी तक नहीं बिक पा रहा था। परिवहन के कारण खरीदी केन्द्रांे में जगह की कमी थी। परंतु आज 16 जनवरी से परिवहन ठप्प हो जाने से स्थिति और विकराल हो जावेगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रारंभ से ही धान खरीदी में अनेक व्यवधान एवं परेशानी हुई किसान काफी दिक्कतों के बाद ले देकर धान बेच पाए थे। परंतु इस स्थिति में तो आगे समय सीमा में सभी किसानों का धान बिक पाना संभव नहीं है। जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भावसिंग साहू ने भाजपा सरकार से धान खरीदी समय सीमा बढ़ाए जाने, खरीदी केन्द्रों से धान का परिवहन तेजी से किए जाने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि धान बेचने में किसानों को समस्या आई, किसान का दाना दाना धान अगर सरकार ने नई खरीदा तो कांग्रेस किसानों के साथ सड़क में उतरेगी। जिसकी जवाबदारी शासन की होगी।

Previous Post Next Post
ad inner footer