लोगों के सामने बोलने का डर पर काबू पाएं

लोगों के सामने बोलने का डर पर काबू पाएं




हममें से बहुत सारे लोग सार्वजनिक रूप से बोलने के विचार से या फिर पब्लिकली अपनी बात रखने पर घबराहट महसूस करते हैं, शर्म महसूस करते हैं, पसीने से तर बतर हो जाते हैं या फिर डरते हैं। क्या आप जानते हैं कि, सार्वजनिक तौर पर अपनी बात रखना इस दुनिया में भयभीत करने वाली एक्टिविटीज में से एक है? हममें से कुछ लोग मानते हैं कि हममें इस बात की शक्ति की कमी है और कुछ को अपने जज किए जाने का डर है।

लेकिन अपनी बात को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने के लिए, पब्लिकली बोलना एक अति आवश्यक कौशल है।

आइए, इससे जुड़ी कुछ बातों को जानें:


01  आपके विचार, भावनाएँ, आपका व्यक्तित्व और आपकी वैल्यूज; सभी आपके एनर्जी पैकेट हैं जिन्हें वायब्रेशन कहा जाता है। हमारे ये वाइब्रेशन हमारे शब्दों से पहले ही लोगों तक पहुंच जाते हैं क्योंकि ये अन्य लोगों के साथ हमारे कम्यूनिकेशन का पहला स्तर हैं। इसलिए इन्हें हमेशा शुद्ध रखें।

02 रोज मेडिटशन का अभ्यास और आध्यात्मिक ज्ञान का अध्ययन आपके विचारों को स्वच्छ और उनकी संख्या को कम रखता है। जब आप सही और सकारात्मक सोचने लगेंगे, तो आपको अपने शब्दों को लेकर सावधान रहने की जरूरत नहीं रहेगी। आप वही बोलेंगे; जो आप सोचते हैं, मानते हैं और अनुभव करते हैं।

03 अपने ऑडियंस को प्रभावित करने के बजाय अपने मैसेज को समझाने पर ध्यान दें। दूसरों से तुलना या प्रतिस्पर्धा न करें। लोगों की राय से प्रभावित हुए बिना हमेशा सत्य के साथ खड़े रहें।

04 आपकी इनर कॉन्शियसनेस में जो भी है यानि कि आपकी बुद्धि, कौशल, विचार या अनुभव, उन्हें सम्मानपूर्वक और सेल्फलेस भाव से शेयर करने की कल्पना करें। जिससे कि आपका मैसेज प्राप्त करने वाले लोग भी सकारात्मक रूप से प्रभावित हों।

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