छत्तीसगढ़ में बिजली चोरी का मामला: उपभोक्ता ने मीटर का सिल तोड़कर बायपास किया, CSPDCL ने दर्ज कराई शिकायत

 छत्तीसगढ़ में बिजली चोरी का मामला: उपभोक्ता ने मीटर का सिल तोड़कर बायपास किया, CSPDCL ने दर्ज कराई शिकायत



मोहन मानिकपुरी आरंग(लखौली)


छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) अटल नगर के कार्यपालन अभियंता  शशांक श्रीवास्तव के नेतृत्व में इलाके में बकाया राजस्व वसूली का अभियान चलाया जा रहा जिसके अंतर्गत मंदिर हसौद, चंदखुरी ,भानसोज संभाग में अभी तक 450 उपभोक्ताओं के कनेक्शन बकाया बिल न चुकाने के कारण स्मार्ट मीटर से ऑनलाइन विच्छेदित किए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 400 उपभोक्ताओं ने बकाया राशि का भुगतान कर कनेक्शन बहाल करवा लिया है। शेष बाकी उपभोक्ताओं के परिसरों में स्थल निरीक्षण जारी है, जिसमें कुछ जगह मीटर बायपास और बिजली चोरी जैसी

अनियमितताएं के मामले सामने आ रहे हैं।ऐसे ही दो मामले चंदखुरी के ग्राम नगपुरा के घासनीन बाई और चंदखुरी बस्ती के हरि राम धीवर के यहां मिले ।दोनों उपभोक्ता के यहां बकाया बिजली बिल था। इस कारण  माह दिसंबर  2025  को उनका कनेक्शन ऑनलाइन डिस्कनेक्ट कर दिया गया।भुगतान न होने पर  स्थल निरीक्षण के दौरान पाया गया कि उपभोक्ता ऑनलाइन लाइन कटने पर बकाया राशि जमा नहीं करने के बावजूद मीटर बॉडी का सिल तोड़ दिया और इनकमिंग टर्मिनल में आउटगोइंग सर्विस वायर को सीधे बायपास कर लगा दिया। इससे मीटर में बिजली खपत दर्ज नहीं हो रही थी, जिससे कंपनी को भारी नुकसान हो रहा था।यह मामला भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 138 (मीटर छेड़छाड़ एवं विद्युत चोरी से संबंधित) के अंतर्गत आता है। CSPDCL अधिकारियों ने इसकी शिकायत चंदखुरी थाना प्रभारी (थाना मंदिर हसौद) में कर पुलिस से आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।विद्युत चोरी के ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर 3 वर्ष तक की कैद या जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। CSPDCL अधिकारियों ने कहा कि कंपनी बिजली चोरी के खिलाफ सख्त अभियान चला रही है, ताकि ईमानदार उपभोक्ताओं पर अनुचित बोझ न पड़े।यह घटना छत्तीसगढ़ में बढ़ते बिजली चोरी के मामलों की ओर इशारा करती है, जहां मीटर टैम्परिंग और बायपास जैसी तकनीकें आम हो गई हैं। पुलिस अब जांच में जुटी है और जल्द ही आगे की कार्रवाई होने की उम्मीद है।बिजली चोरी या मीटर छेड़छाड़ के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें FIR दर्ज करना, जुर्माना और कनेक्शन स्थायी रूप से काटना शामिल है।

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