15वें वित्त की राशि नहीं मिलने से राजिम–फिंगेश्वर क्षेत्र की पंचायतें आर्थिक संकट में, विकास कार्य ठप
प्रकाश वर्मा /राजिम
राजिम एवं फिंगेश्वर विकासखंड की ग्राम पंचायतें इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रही हैं। केंद्र सरकार की 15वें वित्त आयोग की अनुदान राशि लंबे समय से नहीं मिलने के कारण पंचायतों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। हालात यह हैं कि कई पंचायतों में न तो विकास कार्य हो पा रहे हैं और न ही आवश्यक प्रशासनिक खर्च पूरे किए जा पा रहे हैं।
विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित
15वें वित्त की राशि पंचायतों के लिए सबसे महत्वपूर्ण आय स्रोत मानी जाती है। इसी राशि से नाली, सीसी सड़क, पेयजल व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, सामुदायिक भवन, शौचालय मरम्मत, साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन जैसे मूलभूत कार्य कराए जाते हैं। राशि नहीं मिलने से अधिकांश पंचायतों में स्वीकृत कार्य अधूरे पड़े हैं या प्रारंभ ही नहीं हो पा रहे हैं।
कर्मचारियों का मानदेय भी अटका
कई पंचायतों में सचिव, रोजगार सहायक, सफाई कर्मी एवं अन्य संविदा कर्मचारियों का मानदेय समय पर नहीं मिल पा रहा है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है और पंचायत कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कुछ जगहों पर पंचायतों को उधार लेकर या व्यक्तिगत सहयोग से काम चलाना पड़ रहा है।
साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था पर असर
ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। कचरा उठाव, नाली सफाई और स्वच्छता अभियान ठप होते नजर आ रहे हैं। गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल संकट की आशंका भी गहराने लगी है, लेकिन संसाधन के अभाव में पंचायतें वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर पा रही हैं।
सरपंच-सचिवों की बढ़ी चिंता
पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि ग्रामीण जनता समस्याओं को लेकर सीधे पंचायत पहुंचती है, लेकिन वित्तीय संसाधन न होने से समाधान संभव नहीं हो पा रहा। सरपंचों पर दबाव बढ़ रहा है और जनता में असंतोष भी पनप रहा है।
ग्रामीणों में नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर पंचायतें खाली हाथ हैं। गांवों में सड़क, नाली, लाइट और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं।
शीघ्र राशि जारी करने की मांग
राजिम और फिंगेश्वर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने शासन-प्रशासन से 15वें वित्त की लंबित राशि शीघ्र जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द राशि नहीं मिली तो पंचायत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है और ग्रामीण विकास रुक जाएगा।
ग्रामीण अंचल के विकास की रीढ़ मानी जाने वाली पंचायतें आज संसाधनों के अभाव में जूझ रही हैं। अब देखना होगा कि शासन इस गंभीर स्थिति पर कब तक संज्ञान लेकर पंचायतों को राहत देता है।
15वें वित्त की राशि लंबित, ग्राम पंचायतों में विकास कार्य प्रभावित
ग्राम पंचायत सेम्हतरा के सरपंच एवं सरपंच संघ अध्यक्ष, विकासखंड फिंगेश्वर श्री हरीश साहू ने बताया कि उन्हें सरपंच पद का दायित्व संभाले लगभग 10 माह पूर्ण हो चुके हैं, किंतु अब तक ग्राम पंचायत को 15वें वित्त आयोग की राशि प्राप्त नहीं हो पाई है।
श्री साहू ने कहा कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में नाली निर्माण, आंतरिक सड़क, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल सुविधा, स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई एवं अन्य मूलभूत आवश्यक सुविधाओं से जुड़े कार्य वित्तीय संसाधनों के अभाव में प्रभावित हो रहे हैं। इससे ग्रामीणजनों को दैनिक जीवन में असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायत एवं जनप्रतिनिधि पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को ज़मीन पर उतारने हेतु निरंतर प्रयासरत हैं। 15वें वित्त की राशि प्राप्त होते ही सभी विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पारदर्शी तरीके से प्रारंभ किए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को शीघ्र लाभ मिल सके।
सरपंच संघ अध्यक्ष श्री हरीश साहू ने शासन-प्रशासन से विनम्र एवं सकारात्मक आग्रह किया कि लंबित 15वें वित्त आयोग की राशि शीघ्र जारी की जाए, ताकि पंचायतों में विकास की गति बनी रहे और आम नागरिकों को समय पर बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि वे सरकार की विकासशील सोच और नीतियों के साथ पूरी तरह खड़े हैं तथा शासन-प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर ग्राम पंचायतों के सर्वांगीण विकास हेतु निरंतर कार्य करते रहेंगे।
ग्रामीणजनों को भी आश्वस्त किया गया कि पंचायत प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और संसाधन उपलब्ध होते ही विकास कार्यों में तेजी लाई जाएगी।
