आत्मा और उसके द्वारा किए जाने वाले कार्य का अहसास होना (भाग 1)

 आत्मा और उसके द्वारा किए जाने वाले कार्य का अहसास होना (भाग 1)


क्या आपको कभी अपने अतीत पर आश्चर्य हुआ है या कभी आपको ये विश्वास हुआ है कि, जीवन शाश्वत है या दूसरे शब्दों में कहें तो जीवन सिर्फ एक जन्म की ही सच्चाई नहीं है? हम सभी ये जानते हैं कि आत्मा क्या है और इसके बारे में सुनते हुए भी आए हैं पर जो ज्ञान हम सुनते आए हैं क्या उसे हम अपने व्यक्तिगत जीवन पर लागू करते हैं?

हम अपनी फिजिकल बॉडी द्वारा जो भी कार्य करते हैं, वह दरअसल स्पिरिचुअल एनर्जी यानि आत्मा द्वारा किए जाते हैं।

हम जो बोलते हैं या फिर किसी चीज के बारे में सोचते हैं; वे सब आत्मा द्वारा ही किए जाते हैं। लेकिन चूंकि आत्मा को देखा नहीं जा सकता तो हम सोचते हैं कि मैं माना कि आप एक फिजिकल शरीर ही हर कार्य करता हूं। परन्तु आज विज्ञान भी स्व यानि कि अमरता (जीवन और मृत्यु से परे) की बात मानने लगा है।

साथ ही, लोग भी अब ये विश्वास करने लगे हैं कि, किस प्रकार शांति, प्रेम और आनंद की एक अदृश्य और नॉन फिजिकल सत्ता मौजूद है जो मैं हूं; बोलने वाली आत्मा हूँ और इस आत्मा के अंदर मन है जो सोचने का कार्य करता है।


दूसरी तरफ, हमारा मस्तिष्क तो सिर्फ एक भौतिक माध्यम है जिसके द्वारा आत्मा कार्य करती है।

यह एक ऐसा माध्यम है जिससे हमारे मन में चलने वाली पूरी विचार प्रणाली के अनुरूप केमिकल और इलेक्ट्रिकल गतिविधियाँ होती रहती हैं। हमारे मन में चलने वाले थॉट प्रॉसेस नॉन फिजिकल हैं जबकि इनके द्वारा हमारे ब्रेन में होने वाली केमिकल और इलेक्ट्रिकल गतिविधियां; फिजिकल हैं।

क्या आप जानते हैं कि जब भी हमारे मन में कोई विचार आता है, तो हमारा दिमाग उस विचार के अनुसार बहुत हल्के लेकिन स्पष्ट विद्युत संकेत (इलेक्ट्रिकल सिग्नल) पैदा करता है?

इन विद्युत संकेतों को रिकॉर्ड करने और समझने की प्रक्रिया को ईईजी (इलेक्ट्रोएन्सेफलोग्राफी) कहा जाता है। इससे यह पता चलता है कि हमारे मन में किस तरह के विचार चल रहे हैं। यह प्रक्रिया बिल्कुल उसी तरह है जैसे ईसीजी (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफी) के द्वारा हमारे हृदय की विद्युत गतिविधि को रिकॉर्ड किया जाता है। जैसे ईसीजी से दिल की स्थिति समझ में आती है, वैसे ही ईईजी से हमारे मन और विचारों की गतिविधि को समझा जा सकता है।

दुनिया भर में सम्मानित लोगों का एक समूह जो अलग-अलग आध्यात्मिक संगठनों से जुड़ा हुआ है।

जो जीवन के विभिन्न-विभिन्न क्षेत्रों; इंजीनियरिंग, चिकित्सा, व्यवसाय, शिक्षा आदि के क्षेत्र में कार्य करते हुए भी अपना जीवन लोगों के आध्यात्मिक उत्थान के लिए समर्पित करने हेतु प्रतिबद्ध हैं। वे आध्यात्मिक सेवा के साथ-साथ अपने-अपने क्षेत्र में भी सेवाएं कर रहे हैं।

अलग-अलग बैकग्राउंड के इन सभी लोगों ने ये पहचाना और अनुभव किया है कि, आत्मा; एक आध्यात्मिक चेतना या एनर्जी है जो उनके भौतिक शरीर को चला रही है और ये ही अध्यात्म का मूलभूत सिद्धांत है।

साथ ही, इस दुनिया में कुछ ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने खुद को भौतिक शरीर और मस्तिष्क से अलग अनुभव किया है और इसके अलावा उन्होंने अपनी नियर डेथ के अनुभव और आउट ऑफ बॉडी अनुभव को भी जिया है।

(कल जारी रहेगा…)

Previous Post Next Post
ad inner footer