एक पेड़ मां के नाम काव्य संग्रह का विमोचन एवं सम्मान समारोह 19 जनवरी को, देशभर के साहित्यकार होंगे सम्मानित

 एक पेड़ मां के नाम काव्य संग्रह का विमोचन एवं सम्मान समारोह 19 जनवरी को, देशभर के साहित्यकार होंगे सम्मानित



राजिम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अभियान से प्रेरित होकर शिक्षक साहित्य परिषद छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में साझा काव्य संग्रह “एक पेड़ माँ के नाम” के विमोचन एवं सम्मान समारोह का आयोजन आगामी 19 जनवरी 2026, सोमवार को प्रेमरत्न मैरिज पैलेस, गरियाबंद रोड, राजिम में किया जाएगा। यह आयोजन साहित्य, पर्यावरणीय चेतना एवं शिक्षक-सृजनशीलता का महत्वपूर्ण संगम होगा। आयोजन दो सत्रों में होगा। प्रथम सत्र में साझा काव्य संग्रह “एक पेड़ माँ के नाम” का विधिवत विमोचन छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल रमन डेका के करकमलों द्वारा किया जाएगा। वहीं चयनित रचनाकारों का सम्मान समारोह छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में संपन्न होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता आदरणीय चंदूलाल साहू करेंगे, विशिष्ट अतिथि के रूप में राजिम विधायक रोहित साहू एवं पूर्व विधायक संतोष उपाध्याय, प्रदेश अध्यक्ष म.मो. विभा अवस्थी, कुलपति डॉ विनय पाठक,वरिष्ठ साहित्यकार मीर अली मीर की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। इस अवसर पर अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित काव्य प्रतियोगिता में चयनित 31 साहित्यकारों का सम्मान किया जाएगा। आयोजन मंडल ने बताया कि प्रतियोगिता के लिए देश के विभिन्न राज्यों से लगभग साढ़े 650 कविताएँ प्राप्त हुई थीं, जिनमें से श्रेष्ठ रचनाओं का चयन किया गया। चयनित 31 रचनाकारों को शाल, श्रीफल, मोमेंटो, प्रशस्ति पत्र एवं ₹1100 की नगद राशि एवं प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। सम्मानित होने वाले रचनाकार पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, गुजरात, केरल, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, बिहार, उड़ीसा, तमिलनाडु एवं छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों से हैं। साझा काव्य संग्रह “एक पेड़ माँ के नाम” में प्रतियोगिता से चयनित श्रेष्ठ 151 कविताओं का संकलन किया गया है, जिसका विधिवत विमोचन इसी समारोह में किया जाएगा। आयोजन मंडल के अनुसार छत्तीसगढ़ के 31 शिक्षक-साहित्यकारों द्वारा संयुक्त रूप से शिक्षक साहित्य परिषद छत्तीसगढ़ का गठन किया गया है। परिषद का उद्देश्य शिक्षकों की साहित्यिक प्रतिभा को मंच प्रदान करना तथा समाज में साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय चेतना का विस्तार करना है। परिषद का यह प्रथम आयोजन साहित्यिक जगत में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से प्रारंभ होगा। आयोजन मंडल ने साहित्यकारों, शिक्षकों एवं साहित्य प्रेमियों से अधिक संख्या में उपस्थित होकर आयोजन की गरिमा बढ़ाने की अपील की है।

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