आरंग: शिक्षा की गुणवत्ता निखारने हेतु प्राचार्य एवं व्याख्याताओं का पांच दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
आरंग
स्थानीय कोटवार भवन में आयोजित प्राचार्य एवं व्याख्याताओं का पांच दिवसीय द्वितीय चरण सघन प्रशिक्षण शनिवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश शर्मा एवं विकासखंड केंद्र स्रोत समन्वयक सुरेंद्र सिंह चंद्रसेन के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य शिक्षण पद्धतियों में आधुनिक सुधार लाना और आगामी परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों को तैयार करना था।
पांच दिनों तक चले इस शिविर में शिक्षा के विभिन्न आयामों पर गहन चर्चा की गई। मास्टर ट्रेनर गण ने
ब्लू प्रिंट आधारित शिक्षण पर फोकस करते हुवे पाठ्यक्रम को योजनाबद्ध तरीके से पूरा करने और परीक्षा पैटर्न को समझने पर जोर दिया तथा प्रश्न पत्र निर्माण,वर्क शॉप गतिविधि,
छात्रों को प्रश्नों के सटीक और प्रभावशाली उत्तर देने की कला, सिखाने हेतु विशेष सत्र पर समय नियोजन,सटीक उत्तर,शब्द सीमा आदि पर सफलता के टिप्स दिए
प्रशिक्षण केवल व्याख्यान तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें समूह गतिविधियों, प्रायोगिक प्रदर्शनों और परियोजना कार्यों के माध्यम से 'करके सीखने' की पद्धति पर विशेष फोकस किया गया। मास्टर ट्रेनर ने शिक्षकों को बताया कि कैसे जटिल विषयों को प्रयोगों के जरिए सरल बनाया जा सकता है। इस अवसर पर मास्टर ट्रेनर मोहन लाल चंद्राकर,संगीता यादव, स्मृति सिंह, रवि कुमार वर्मा,एवं प्राचार्य व्याख्याता गण चंदू लाल साहू,रश्मि वर्मा,हेमलता जाटव,भारत चंद्राकर,अनिल मिश्रा,माधवी गुप्ता,दिनेश तिवारी,राजेश कुर्रे,खेमराज,कुसुम लता,रंजना पांडे आदि 42 लोगों की सहभागिता रही जबकि प्रथम चरण में 60 लोगों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया जबकि स्टाफ ऊषा नेताम, लोकेश साहू,श्रवण साहू,रूपेंद्र साहू,अरविंद पटेल,मोनेश्वरी साहू आदि सहयोगी रहे।

