असाक्षरों के लिए 26 जनवरी को सभी गांवो में उल्लास मेला का आयोजन
फिंगेश्वरः-
जिला कलेक्टर बी. एस. उइके व प्रखर चंद्राकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत गरियाबंद के निर्देशन एवं जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर के मार्गदर्शन में असाक्षरों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम को लेकर 26 जनवरी को मेला का आयोजन प्रत्येक गांव में किया जावेगा. इसे लेकर जिले में तैयारी शुरू हो गई है सभी ग्राम, वार्ड प्रभारी एवं शैक्षिक समन्वयको का प्रशिक्षण संपन्न हो चुका है जिसमें मेले के आयोजन की रूपरेखा पर चर्चा की गई है. जिला परियोजना अधिकारी बुद्धविलास सिंह ने बताया कि 15 वर्ष से अधिक उम्र के सभी महिला एवं पुरुष इस परीक्षा में शामिल होंगे जो उल्लास साक्षरता केंद्रों में अध्ययन करेंगे और साक्षर को वालंटियर शिक्षक के माध्यम से पढ़ने लिखने की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी ताकि उन्हें 200 घंटे की शिक्षा पूर्ण करते हुए आगामी परीक्षा में शामिल कर उन्हें मूलभूत संख्या ज्ञान के साथ वित्तीय डिजिटल, कानूनी स्वास्थ्य स्वच्छता, चुनाव साक्षरता जैसे महत्वपूर्ण जीवन कौशलों की जीवन कौशलों की जानकारी प्रदान किया जा सके. उल्लास मेला का आयोजन गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के साथ ही होगा. इसमें गांव के नवसाक्षरों द्वारा ग्राम प्रभारी एवं स्वयंसेवी शिक्षकों की सहायता से स्टॉल का प्रदर्शन करेंगे. बुनियादी साक्षरता एवं गणितीय प्रक्रिया पर आधारित कम से कम सात अवधारणा को लेकर स्टॉल को सजाएंगे. अवधारणा जैसे जोड़ घटाना, रिंग फेंको, उंगली दौड़, मेरी दौड़, समय तुम्हारा, फ्लोचार्ट आदि के माध्यम स्टॉल तैयार किया जायेगा. प्रत्येक स्लॉट में दो नव साक्षर उपस्थित रहेंगे. इसके लिए जिला स्तर पर बैठक और प्रशिक्षण आयोजित किया गया है जिसमें विकासखंड स्तर से सभी बी ई ओ, बी.आर.सी, नोडल अधिकारी एवं दो-दो मास्टर ट्रेनर को प्रशिक्षित किया गया है।
