पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने कभी भी जातिगत राजनीति नहीं की है, सभी वर्गो का सम्मान करना उनकी फितरत में है-भावसिंग साहू
फिंगेश्वरः-
राजनैतिक टिप्पणी को पूरे समाज के गौरव पर हमला नहीं माना जा सकता। राजनीति में व्यक्तिगत छीटाकशी को सामाजिक द्वैष नहीं मानें। बिलासपुर की एक सभा में डिप्टी सीएम अरूण साव की कार्यशैली को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान को जातिगत रंग देने के प्रयास की कड़ी निंदा करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भावसिंग साहू ने कहा है कि वर्तमान सरकार के एक जिम्मेदार उपमुख्यमंत्री जो पीडब्ल्यूडी विभाग के मंत्री भी हैं, उनके द्वारा किए जा रहे हैं दावे और बिलासपुर की राजनीति में उनकी सक्रियता की नौटंकी से जमीनी हकीकत बिलकुल अलग है, इसी संदर्भ में प्रचलित बंदर की कहानी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सुनाई, यह बयान किसी जाति, धर्म, संप्रदाय या संस्थान के खिलाफ कदापि नहीं है। उन्होंने कहा कि मंत्री की अक्षमता छुपाने के लिए इस तरह से समाज का आड़ लेकर जवाबदेही से बचने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। जिस बिलासपुर में उपमुख्यमंत्री अरूण साव अपनी राजनीतिक सक्रियता दिखाते हैं, वहां गरीबों के सैकड़ों मकानो पर बुलडोजर चलाया जा रहा है, 40 दिन से जनता आंदोलित है, मंत्री को उस पर जवाब देना चाहिए। जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भावसिंग साहू ने कहा है कि आरटीआई में प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत 2 साल में छत्तीसगढ़ में केवल 950 मीटर सड़क ही बनी हैं, किसी भी मामलें में कोई काम नहीं हो पा रहा है, सड़कों के रखरखाव और मरम्मत तक यह सरकार नहीं करवा पा रही है लेकिन विभागीय मंत्री और क्षेत्र के भाजपा नेता अरूण साव के द्वारा सक्रियता की नौटंकी बढ़ चढ़कर की जा रही है इसी संदर्भ में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि आपके विभाग में काम ढप्प पड़े है तो फिर दिखावे के उछल कूद का जनता को क्या लाभ ? पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने पूरे भाषण में साहू समाज का नाम तक नहीं लिया, न ही अरूण साव को लेकर कोई अमर्यादित टिप्पणी की है, पूरा मामला राजनैतिक नौटंकी और विभागीय मंत्री के नाकामी का है। अतः इसे साहू समाज का अपमान नहीं कहा जा सकता।
