फणिकेश्वर नाथ शासकीय महाविद्यालय फिंगेश्वर में बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा, कविता पाठ व रंगोली प्रतियोगिता आयोजित
फिंगेश्वरः-
फणिकेश्वर नाथ शासकीय महाविद्यालय फिंगेश्वर में पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. भुलेश्वरी साहू के मार्गदर्शन में दिनांक 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर मां सरस्वती की विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। इसी अवसर पर महान कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में कविता पाठ एवं रंगोली प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य रितेश गोलछा ने बसंत पंचमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस दिन मां सरस्वती का प्राकट्य माना जाता है, इसलिए ज्ञान, विद्या एवं कला की देवी की आराधना की परंपरा रही है। प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी महाविद्यालय में विधिवत पूजा-अर्चना की गई। पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. भुलेश्वरी साहू ने बसंत पंचमी की महत्ता बताते हुए कहा कि यह पर्व केवल ऋतु परिवर्तन का प्रतीक नहीं है, बल्कि ज्ञान, बुद्धि और सृजनशीलता की देवी मां सरस्वती की आराधना का विशेष दिन है। इस दिन पीले वस्त्र धारण कर मां सरस्वती की पूजा की जाती है और विद्या, विवेक एवं सृजनशीलता का आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। सहायक प्राध्यापक कमलेश्वर प्रसाद निषाद ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मां सरस्वती ज्ञान और बुद्धि की देवी हैं तथा बसंत पंचमी का पर्व शुभता, उत्सव, नई शुरुआत, सकारात्मकता और प्रकृति के सौंदर्य का प्रतीक है। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं सहायक प्राध्यापकगण कमलेश्वर प्रसाद निषाद (अंग्रेजी), तीरथ राम कपूर (राजनीति विज्ञान), डॉ. अलका कौशिक (वनस्पति शास्त्र), उर्वशी चंद्राकर (प्राणी शास्त्र), देवश्री कुर्रे (हिंदी), दविंदर कौर (वाणिज्य), ममता देवांगन (भूगोल), डॉ. मोहन सिंह (भूगोल), सतप्रीत सिंह गुरुदत्ता (रसायन), भानेन्द्र साहू (रसायन), भावना मनहरे (गणित), मेघराज तारक सहित कार्यालयीन स्टॉफ मो. इम्तियाज सिद्दीकी (मुख्य लिपिक), बलराम नागवंशी (प्रयोगशाला तकनीशियन), पूजा ब्रम्हभट्ट (प्रयोगशाला तकनीशियन), हिरा सिंह, कोमल राम, परमानंद यादव, पवेन्द्र साहू, तेजराज सोनवानी, प्रतिभा एवं अगेश्वरी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त छात्र-छात्राओं की सहभागिता रही। अंत में प्रभारी प्राचार्य रितेश गोलछा ने सभी को बसंत पंचमी की शुभकामनाएं देते हुए इस आयोजन को सराहनीय प्रयास बताया।
