सतनाम धर्म के प्रवर्तक बाबा गुरु घासीदास जी की 269वीं जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई
विधायक रोहित साहू ने चढ़ाया जैतखाम पर नया पालो, समतावादी समाज का दिया संदेश
अंकुर पहाड़िया/फिंगेश्वर
सतनाम धर्म के प्रवर्तक सद्गुरु बाबा गुरु घासीदास जी की 269वीं जयंती फिंगेश्वर विकासखंड के ग्राम चरौदा,कुण्डेल, सेंदर एवं बोरिद ग्रामों में श्रद्धा, आस्था और उत्साह के वातावरण में मनाई गई। गांव-गांव में आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।जयंती समारोह में मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक रोहित साहू ने सहभागिता निभाते हुए पवित्र जैतखाम पर नया श्वेत पालो चढ़ाया तथा विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।सभा को संबोधित करते हुए विधायक रोहित साहू ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी का जीवन सामाजिक परिवर्तन की प्रेरक गाथा है। उन्होंने मानवता, समता और सत्य के मार्ग पर चलकर समाज को नई दिशा दी। बाबा जी ने जाति-भेद और ऊंच-नीच जैसी कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष करते हुए शोषित वर्ग को आत्मसम्मान का बोध कराया।विधायक ने विकास कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राजिम विधानसभा क्षेत्र को 776 करोड़ रुपये की विकास राशि स्वीकृत हुई है, जिससे क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों, मजदूरों और समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत सदस्य इंद्रजीत महाड़िक ने कहा कि सतनामी समाज ने सामाजिक समरसता की मजबूत नींव रखी है। गुरु घासीदास जी का दर्शन आज भी लोगों को सादा जीवन, उच्च विचार और व्यसनमुक्त समाज की प्रेरणा देता है। उन्होंने सतनाम परंपरा को आगे बढ़ाने वाले गुरु बालकदास, साहिबदास एवं आगरदास जी के योगदान को स्मरण किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत सभापति शिवांगी चतुर्वेदी ने की। मंच पर विधायक प्रतिनिधि विजय कंडरा, भाजपा मंडल अध्यक्ष गोपी ध्रुव, सरपंच संघ अध्यक्ष हरीश साहू, सरपंच गज्जू सिन्हा एवं सतनामी समाज के देवप्रसाद बघेल उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन आशाकांत रजक एवं राजेश सिन्हा ने किया। आयोजन में तुलसीराम, हेमंत वर्मा, देवेंद्र वर्मा, बेनीशंकर साहू, राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक खोमन सिन्हा, हरिराम साहू, किशोर साहू, सुंदर बंजारे, रेखराज बंजारे, गजानंद साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं समाजजन मौजूद रहे।
